अक्टूबर 2017

साल 2017 के फर्स्ट हाफ में सबसे ज्यादा पॉपलुर रहे स्मार्टफोन के नाम सामने आ चुके हैं। जो स्मार्टफोन सबसे ज्यादा खरीदे गए, उन्हीं स्मार्टफोन को सबसे ज्यादा पॉपुलर स्मार्टफोन की लिस्ट में रखा गया है। रिसर्च फर्म IHS ने टॉप स्मार्टफोन की लिस्ट जारी की है। इस लिस्ट में पिछले साल लॉन्च हुए स्मार्टफोन को रखा गया है।






1. - Apple iPhone 7


पिछले साल iPhone 7 एपल का फ्लैगशिप स्मार्टफोन था। इंडिया में अक्टूबर 2016 में इस स्मार्टफोन को 49 हजार रुपए में लॉन्च किया गया था। स्पेशिफिकेशन की बात करें तो इसमें 4.7 इंच का रेटिना एचडी डिस्प्ले आता है। इसमें क्वाड कोर एपल ए10 फ्यूजन प्रोसेसर दिया गया है। यह एपल के ए9 से 40 परसेंट फास्ट है।



2. - Apple iPhone 7 Plus


इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर भी एपल का ही स्मार्टफोन iPhone 7 Plus है। इस फोन की कीमत 59 हजार रुपए है। यह 5.5 इंच स्क्रीन के साथ आता है। इसमें 3D टच रेटिना एचडी डिस्प्ले दिया गया है। यह भी क्वाड कोर एपल ए10 फ्यूजन प्रोसेसर पर रन करता है। यह 12 मेगापिक्सल के कैमरे के साथ आता है।





3. - Samsung Galaxy Grand Prime Plus


बजट स्मार्टफोन की कैटेगरी में बात करें तो सिर्फ सैमसंग का Galaxy Grand Prime Plus ही ऐसा स्मार्टफोन है, जो इस लिस्ट में अपना नाम दर्ज करवा पाया है। यह स्मार्टफोन 5 इंच के आईपीएस डिस्प्ले के साथ आता है। इसमें MediaTek MT6737T क्वाड कोर प्रोसेसर दिया गया है। यह 2600mAH की बैटरी के साथ आता है। इसमें 8 मेगापिक्सल का बैक और 5 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है।



4. - Apple iPhone 6s


इस लिस्ट में चौथे नंबर पर Apple iPhone 6s का नाम है। 2016 में सबसे ज्यादा बिकने वाले स्मार्टफोन में भी यह फोन नंबर 1 पर रहा है। अभी इसकी कीमत 40 हजार रुपए है। यह एपल के ए9 प्रोसेसर पर रन करता है।





5. - Samsung Galaxy S8


सैमसंग का फ्लैगशिप फोन Galaxy S8 इस लिस्ट में 5वें नंबर पर है। इस फोन की कीमत 53 हजार 900 रुपए है।



6. - Galaxy S8 Plus


इस लिस्ट में 6टे नंबर पर सैमसंग का ही Galaxy S8 Plus है।

मोबाइल टिप्स - यहां हम आपको फोन की तीन ऐसी settings के बारे में बता रहे हैं जिनको अगर आप फोन में कर लेते हैं तो आपको फोन स्लो नहीं होगाा। साथ ही फोन का स्पेस भी क्लीन रहेगा। इन सेटिंग्स यूज करना बहुत आसान है। फोन हैंग होना, स्लो होना और स्पेस फुल हो जाना ऐसी प्रॉब्लम्स हैं जिनको लगभग हर स्मार्टफोन यूजर को फेस करना पड़ता है। फोन में कुछ नार्मल सेटिंग करके इनसे बचा सकता है। जानिए क्या है ये यूजफुल सेटिंग।





3 USEFUL SMARTPHONE SETTINGS


मोबाइल की सेटिंग में जाएं। Google ऑप्शन पर टैप करें, यहां आपको Connected App लिखा हुआ दिखाई देगा उस पर टैप करें। यहां आपको वे ऐप नजर आएंगे जो आपके gmail आइडी से कनेक्ट हैं। जिन ऐप का आप यूज नहीं करते या जिन्हें आप डिलीट कर चुके हैं वे भी यहां कनेक्ट रहते हैं और फोन की मेमोरी को यूज करते रहते हैं जिससे फोन स्लो हो जाता है। न यूज करने वाले ऐप पर टैप कर इसे डिस्कनेक्ट कर दें।




फोन की सेटिंग में जाकर Storage पर जाएं यहां internal Storage में जाने पर नीचे की तरफ Cached data का ऑप्शन मिलेगा। इस पर टैप करें और Clear Cached data में जाकर ओके पर टैप कर दें। आपके फोन की सारी फालतू की फाइल्स डिलीट हो जाएंगी और फोन की मेमोरी या कहे कि स्टोरेज फ्री हो जाएगी।






फोन की सेटिंग में जाकर Apps Managment में जाएं। यहां आपको फोन की सारी ऐप्स दिखाई देंगी। जिन Apps का आप ज्यादा यूज नहीं करते लेकिन आप उन्हें फोन से डिलीट भी नहीं करना चाहते उन पर टैप करें, अब उन्हें Force Stop कर दें। अब ये फोन आपके फोन में रन करना बंद कर देंगे और फोन की मेमोरी फ्री हो जाएगी। इससे फोन स्लो नहीं होगा और हैंग भी नहीं होगा।

Best PC Software

Best PC Software – सही Software और Operating System का सम्मलेन ही अच्छा Computer User Interface देता है. कंप्यूटर इस्तेमाल करने वालो के लिए जरुरी है की वे सही और बेहतर सॉफ्टवेर का चयन करे. इस पोस्ट में आप कंप्यूटर से जुड़े कुछ ऐसे Free PC Software application programs जो की Windows Operating System के लिए है, के बारे में जान सकते है जो आपके Windows के अनुभव को और बेहतरीन बना देंगे


Best Free PC Software

# 1 VLC Media Player :

VLC Media Player
VLC Media Player

VLC कंप्यूटर के लिए सबसे जानामाना और सबसे भरोसेमंद Media Player है. लगभग सभी कंप्यूटर में ये Software जरुर पाया जाता है. ये सॉफ्टवेर काफी लंबे समय से सभी कंप्यूटर Users का पसंदीदा सॉफ्टवेर रहा है क्योकि इसके Feature और Audio, Video क्वालिटी अन्य सभी तरह के Media सॉफ्टवेर से हमेशा अच्छी रही है


# 2 Windows Defender / Microsoft Security Essentials :

Windows Defender / Microsoft Security Essentials
Windows Defender / Microsoft Security Essentials

Free Antivirus के तौर पर Microsoft का Windows Defender काफी Popular रहा है, ये आपके कंप्यूटर को Virus से हमेशा सुरक्षित बनाए रखता है, आपको बस इसे regular update करना होता है. Windows Defender को Microsoft Security Essentials नाम से भी जाना जाता है

माइक्रोसॉफ्ट ने Windows 8 और उसके बाद के सभी वर्ज़नो में जैसे Windows 8.1 या Windows 10 में पहले से ही Windows Defender को Install कर दिया है, उसे बस अपडेट करके आप इस्तेमाल कर सकते है

Windows 7 या उससे पुराने वर्जन में यूजर को Microsoft Security Essentials डाउनलोड करके इनस्टॉल करना पड़ता है


# 3 MBAM ( Malware Bytes Anti Malware ) :

Malware Bytes Anti Malware
Malware Bytes Anti Malware

ये Antivirus के साथ काम करने वाला Free Anti Malware सॉफ्टवेर प्रोग्राम है. इसका इस्तेमाल इसलिए किया जाता है की कुछ ऐसे Virus होते है जिनको Antivirus नहीं पकड़ पाता, ये Anti Malware प्रोग्राम उन्हें आसानी से पकड़ लेता है. इसके Free और Premium दोनों version है जिनको आप अपनी जरुरत के अनुसार इस्तेमाल कर सकते है


# 4 Google Chrome And Mozilla Firefox :

Google Chrome And Mozilla Firefox
Google Chrome And Mozilla Firefox

Internet का इस्तेमाल करने के लिए ये सबसे अच्छा Browser है. वैसे तो Windows में पहले से Internet Explorer इनस्टॉल होता है, लेकिन वो आजकल की website को पूरी तरह support नहीं कर पाता

Google Chrome के अलावा Mozilla Firefox भी काफी famous web browser है. Mozilla Firefox की खासियत है उसकी पर्सनल Customization Setting, जो इसे काफी user friendly बनाती है. Google Chrome की google account synchronization इसे काफी यूनिक बनाती है


# 5 Google Drive For PC :

Google Drive For PC
Google Drive For PC

अपने Computer में Data का backup लेने के लिए Google Drive से बेहतर और कुछ नहीं हो सकता, बैकअप के साथ ये data share की भी सुविधा देता है. इसमें account बनाने पर आपको सीधे 15 GB free storage मिलती है, जिसका इस्तेमाल आप अपनी data files का backup बनाने में कर सकते है और साथ ही पूरी दुनिया के साथ share भी कर सकते है

जिस भी file या folder का आप backup लेना चाहते है उसे गूगल ड्राइव के फोल्डर में copy कर दे. इसकी एक और खासियत ये है की आप चाहें तो file को पूरी तरह private रख सकते हैं, आप चाहें तो उसे सिर्फ किसी एक व्यक्ति अथवा समूह के साथ share कर सकते हैं, इसके latest feature में नया विकल्प ये भी है की फाइल केवल वही देख पायें जिनके पास link हो. इसके अलावा आप अपनी फाइल को public access level पर भी upload कर सकते है, यानी कोई भी इसे देख और download कर सकता है


# 6 Caesium Image Compressor:

Caesium Image Compressor
Caesium Image Compressor

इस software का इस्तेमाल image के size को कम करने के लिए किया जाता है. इससे image की quality पर कोई असर नहीं पड़ता और उसका size 90 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है. ये सॉफ्टवेर compression के लिए ” Lossless Compression ” मेथड का इस्तेमाल करता है, जिसमे इमेज की साइज़ भी कम हो जाती है और उसकी क्वालिटी पर भी कोई इफ़ेक्ट नहीं पड़ता है


# 7 File Optimizer :

File Optimizer
File Optimizer

Caesium और File Optimizer में एक ही प्रमुख अंतर है, Caesium जहाँ सिर्फ image के size को घटाता है वही File Optimizer से Images, PDF, Zip, MP3, EXE, HTML, CSS के अलावा और भी बहुत तरह की file format को compress किया जा सकता है


# 8 7(Seven) Zip :

7(Seven) Zip
7(Seven) Zip

ये Data Files को Compress व Extract करने का free programm है. इसकी सहायता से 7z, XZ, BZIP2, GZIP, TAR, ZIP,AR, ARJ, CAB, CHM, CPIO, CramFS, DMG, EXT, FAT, GPT, HFS, IHEX, ISO, LZH, LZMA, MBR, MSI, NSIS, NTFS, QCOW2, RAR, RPM, SquashFS, UDF, UEFI, VDI, VHD, VMDK, WIM, XAR and Z. and WIM इतनी तरह की files को Compress व Extract कर सकते हैं

अगर किसी फाइल को Extract करने में दिक्कत आ रही हो तो बस 7 Zip को download करके install कीजिए और उसके बाद फाइल पर Right Click करके Extract पर क्लिक दीजिये


# 9 Notepad ++ :

Notepad ++
Notepad ++

वैसे तो windows में पहले से Notepad के रूप Text Editor होता है, मगर उसके feature काफी simple होते है. जबकि Notepad ++ में काफी advance feature होते है जो normal user से लेकर Programmers और coding करने वालों अभी के लिए perfect है. Text Editing से रिलेटेड कोई भी काम इसमें बहोत ही आसानी से किया जा सकता है


# 10 CCleaner :

CCleaner
CCleaner

इस software का इस्तेमाल computer से Temporary Files, Internet History आदि delete करने व आपकी Privacy को Erase करने के लिए किया जाता है. लगभग सभी computer users इसका इस्तेमाल करते है

Micro USB Cable Charging Test – अलग-अलग तरह के चार्जर आपकी एंड्राइड डिवाइस को अलग रेट (चार्ज करने की स्पीड) के साथ चार्ज करते है, और कुछ ख़राब या टूटे हुए चार्जर शायद आपकी डिवाइस को उतनी तेज़ी चार्ज नहीं करते जितना की वो दावा करते है |अगर आपको अपनी डिवाइस की चार्जिंग से लेकर कोई समस्या रही है, तो आप जरुर जानना चाहेगे की अपक चार्जर कितने सही तरीके से काम करता है, तो पढ़ते रहिये | इस पोस्ट में आप जान पायेगे की आपका चार्जर आपके फ़ोन या टेबलेट को कितनी इलेक्ट्रिक करंट सप्लाई कर रहा है और साथ ही उसे measure भी कर सकते है |


आपका पहला स्टेप है की आपको प्ले-स्टोर से ये आसान सी एप्प जिसका नाम Amper है को डाउनलोड करके इनस्टॉल करना है, दरअसल ये एप्प आपके लिए इलेक्ट्रिक सप्लाई को measure करेगी | ये एप्प उन सभी एंड्राइड डिवाइस पर काम करेगी जो Android 4.0 या उससे अधिक के version पर काम करती हो | इस एप्प के डेवलपर्स का कहना है की ये एप्प कुछ मॉडल्स जैसे HTC One M7 और M8 पर अच्छे से काम नहीं कर रही |


डाउनलोड और इनस्टॉल करने के बाद इसे open कीजिये, और आप तैयार है testing के लिए |



ऐसे परखें फ़ोन चार्जर की परफॉरमेंस

अपने Charger को कैसे Test करें

इसके लिए आपको अपना चार्जर और उसे plug-in की जगह चाहिए – आप इसे दीवार आउटलेट, किसी कंप्यूटर या किसी पोर्टेबल बैटरी से भी कनेक्ट कर सकते है |अपने चार्जर की capabilities के सबसे accurate measurement के लिए इसे इसकी official USB चार्जर के साथ दीवार आउटलेट से चार्ज करे |

आप इस एप्प से मिलने वाली information को आप उपर इमेज में देख सकते है | ये तक़रीबन 10 सेकंड लेता है आपके फ़ोन के चार्ज को measure करने के लिए, जैसा की आप left वाली इमेज में देख सकते है | दूसरी तरफ right वाली इमेज में settings menu, जिसे आप को देखने की ज्यादा जरूरत नहीं है |

इस एप्प के बॉटम में चल रहे ऐड को हटाने के लिए आपको इसका Pro version खरीदना पड़ेगा, जिसके लिए option दिया हुआ है, इसके लिए आपको ज्यादा नहीं केवल $1.13 ही चुकाने होंगे | इसके Pro version को आप एक ओर reason के लिए खरीद सकते है और वो ये है की इसके Pro version में notification tray के अंदर आपको लगातार आपकी battery info के notification भी मिलते रहेगे |



इस App की Working Details

जब आपका फ़ोन चार्जिंग में नहीं होगा तो ये एप्प orange रंग का text इस्तेमाल करेगा और जब फ़ोन चार्जिंग में होगा तब blue रंग का text इस्तेमाल करेगा | जब चार्जिंग में नहीं होगा तब आप देख सकते है की आपका फ़ोन currently कितनी energy इस्तेमाल कर रहा है | इस energy की मात्रा इस पर निर्भर करती है की आपका फ़ोन उस समय कितने काम एक साथ कर रहा है |

नीचे आप देख सकते है left साइड वाली इमेज में मेरे फ़ोन की brightness को low किया हुआ है, वही दूसरी ओर right साइड वाली इमेज में brightness को high किया हुआ है | दोनों का अंतर आप साफ़ देख सकते है, ज्यादा brightness वाली स्क्रीन ज्यादा बैटरी पॉवर का इस्तेमाल करती है, लेकिन इसमें कुछ दुसरे factors भी है जो इसे प्रभावित करते है, जिसमे background के अंदर apps updating, Wi-Fi और cellular signal strength के साथ और भी दुसरे factors हो सकते है |


इस एप्प में बहोत ही मॉडर्न Lollipop-based design इस्तेमाल किया गया है, जो आँखों के लिए समझना काफी आसान है | लेफ्ट साइड में दिए हुए circular icon पर क्लिक करने पर आपको बैटरी का फुल स्टेटस बताएगा | नेगेटिव नंबर का मतलब आपका फ़ोन डिस्चार्ज हो रहा है, और पॉजिटिव चार्ज दिखायेगा आपका फ़ोन कितना चार्ज हो रहा है | चार्जिंग के दौरान भी ये चार्जिंग वैल्यू mA (मिली एम्पेयर) में दिखता है, जैसे की 600mA या 800mA |



Important Tips

एक बात ध्यान में रखिये अगर आप अपने फ़ोन का नार्मल से ज्यादा इस्तेमाल करते है और वो ज्यादा चार्जिंग मांगता है, तो फ़ोन के चार्जर की टेस्टिंग के दौरान आपको शायद lower number ( कम चार्जिंग गति ) मिले, और ये आपके चार्जर की गलती नहीं कही जा सकती |

इसे आप एक उदाहरण से समझ सकते है, अगर आपका फ़ोन -240 mA (मिली एम्पेयर) चार्ज का इस्तेमाल कर रहा है और आपका चार्जर 600mA की सप्लाई कर रहा है, तो असल में आपका फ़ोन केवल (600mA – 240 mA) यानी 360mA की रेट से ही चार्ज हो रहा है |






आपको अपने Charger से क्या उम्मीद करनी चाहिए?

आपको इतना तो पता चल गया की आपका फ़ोन किस चार्जिंग रेट से चार्ज हो रहा है और किस रेट से आपका फ़ोन उसे इस्तेमाल कर रहा है, अब आपको इतना पता करना है की क्या ये चार्जिंग रेट सही है ? यानी चार्जर को जिस चार्जिंग रेट के साथ चार्ज करने के लिए कंपनी ने इसे बनाया है क्या ये अभी भी उसी चार्जिंग रेट के साथ चार्ज कर रहा है ?

हर एक चार्जिंग केबल अलग होती है, लेकिन एक तरीका है जिससे आप अपने चार्जर को एक्यूरेट चेक कर सकते है | एक ओर जहां ये एप्प आपको बताती है की आपका फ़ोन कितनी पॉवर से चार्ज हो रहा है तो इस चार्जिंग रेट को आप अपने चार्जर को ओरिजिनल चार्जिंग रेट जो उस पर मैन्युफैक्चरिंग के दौरान लिखी जाती है, से Compare करके पता कर सकते है |

इसके लिए चार्जर के एडाप्टर पर कोई स्टीकर या कुछ और छोटे अक्षरों में प्रिंट किया हुआ होगा, जो की एडाप्टर की specifications होती है को देखना है | नीचे इमेज में आप सफ़ेद स्टीकर में मेरे चार्जर की specifications देख सकते है |


अब आपको इस स्टीकर या प्रिंट में वो जगह देखनी है जहां Output लिखा हुआ हो, उपर फोटो में 1,000mA है | मतलब में उम्मीद करनी चाहिए की ये 1,000mA से चार्ज करेगा, इसमें से वो पॉवर जो मेरा फ़ोन अभी इस्तेमाल कर रहा है को माइनस कर सकते है ( उदाहरण के लिए 240mA-510mA जो फ़ोन के ब्राइटनेस पर निर्भर करता है )

अगर आपका चार्जर उस गति से आपका फ़ोन चार्ज नहीं कर रहा है जैसा की उस पर बताया गया है तो कुछ स्टेप्स है जो आप फॉलो कर सकते है |



ये Adjustments करके Charging Speed बढायें

अगर फ़ोन सही स्पीड के साथ चार्ज नहीं हो रहा है, तो कुछ तरीके है जिनसे चार्जिंग स्पीड को बढ़ा सकते है | उदाहरण के लिए चार्जिंग के दौरान अपने फ़ोन को फ्लाइट मोड में डालिए और स्क्रीन को ऑफ कर दीजिए, जिससे फ़ोन जल्दी चार्ज होगा | अगर आप इतना सब नहीं करना चाहते तो कुछ और टिप्स भी है जिनसे बैटरी को जल्दी चार्ज कर सकते है |

आपको लग सकता है की किसी कंप्यूटर से या किसी दीवार चार्जर से फ़ोन चार्ज करना एक ही बात है तो आप गलत है, दोनों में काफी डिफरेंस होता है | कंप्यूटर उस रेट से चार्ज नहीं कर सकता जितनी तेज़ी से दीवार करता है | नीचे इमेज में आप दोनों का अंतर देख सकते है, लेफ्ट साइड में चार्जिंग स्पीड है जब दीवार चार्जर के साथ चार्ज किया गया, दूसरी ओर राईट साइड में जब कंप्यूटर से जोडकर चार्ज किया गया | दोनों का अंतर आप साफ़ देख सकते है |


ये भी recommend किया जाता है की आप हमेशा उसी चार्जर या चार्जिंग केबल से अपने फ़ोन को चार्ज करे जो खरीदने के समय साथ में दी गई हो, बजाय किसी third-party चार्जर से | क्योकि hardware manufacturer ने उस चार्जर या केबल को उन्ही स्पेसिफिकेशन के साथ पहले टेस्ट किया हुआ होता है, जिससे आपको भी पता होता है की इसमें सही चार्जिंग रेट होगी |




अगर आपका फ़ोन wireless charging को सपोर्ट करता है तो ये कंप्यूटर से चार्ज करने की रेट से भी कम होगा | हालाँकि ये इस्तेमाल में आसान है, लेकिन तब भी काफी स्लो है |

अच्छी चार्जिंग के लिए बैटरी को ठंडा रखे | गर्मी बैटरी के लिए bad news है और अगर बैटरी को लंबे समय तक चलाना चाहते है तो इसे गर्म होने से बचाए | गरम होने पर इसे बाहर निकाल कर ठंडी जगह पर रखे और इससे ये जल्दी भी चार्ज होगी |

आपका चार्जर कैसा काम कर रहा है? अपने रिजल्ट हमे कमेंट करके जरुर बताए |

USB Safely Eject – सभी कंप्यूटर यूजर Safely Remove Hardware मैसेज के बारे में जरुर जानते होंगे, ये मैसेज कंप्यूटर स्क्रीन पर तब दिखाई देता है जब कोई USB डिवाइस जैसे पेनड्राइव या मोबाइल को कंप्यूटर से डिसकनेक्ट करते है |




हालांकि इस मैसेज को देखा सभी लोगो ने है, लेकिन बहुत कम लोग इसके महत्व के बारे में जानते होंगे | इस पोस्ट के जरिए आप जान पायेगे की इस मैसेज का क्या मतलब है और ये कितना महत्वपूर्ण है |



PC से USB Media को Safely हटाना –

अगर आपकी पेन ड्राइव में कोई डाटा कॉपी हो रहा है और उस समय कोई आपसे इसे निकालने को कहे तो आप इसके लिए मना कर देगे | क्योकि आपको पता है की अभी कोई डाटा कॉपी हो रहा है और इसे हटाने पर आपका डाटा corrupt या डिलीट हो सकता है, ये भी सबको पता है |


फिर भी, अगर आपकी USB drive में कोई डाटा कॉपी या पेस्ट नहीं हो रहा है, अचानक अपनी पेन ड्राइव को निकालने से भी आपका डाटा corrupt या डिलीट हो सकता है | ऐसा write caching process के कारण होता है, जो की लगभग सभी ऑपरेटिंग सिस्टम्स इस्तेमाल करते है | इसकी वजह से कोई इनफार्मेशन सीधे आपके USB drive पर नहीं भेजी जाती | बजाय इसके, हो सकता है कुछ इनफार्मेशन पहले आपके कंप्यूटर की RAM में स्टोर हो इसके बाद आपके USB drive पर भेजी जाए |

जब आप कॉपी कमांड से कोई डाटा पेन ड्राइव में कॉपी करते है तो ऑपरेटिंग सिस्टम पहले कुछ requests के fulfill होने का इंतज़ार करता है और उसके बाद उन सभी requests को एक साथ पूरा करता है | इसलिए अचानक से USB drive को हटाने से आपका डाटा डिलीट हो सकता है, भले ही आपकी कॉपी या पेस्ट प्रोसेस शुरू ना हुई हो |



Linux, MacOS और Windows इस पर अलग तरह से प्रतिक्रिया क्यों करते है?

MacOS और Linux-based operating systems में ये व्यवहार ज्यादातर देखा जाता है, जैसा की फोटो में देखा जा सकता है | लेकिन Windows में ऐसा क्यों नही होता ? क्योकि Microsoft के ऑपरेटिंग सिस्टम्स में removable device के लिए write cache feature को disable कर देता है | Windows में आपको परफॉरमेंस improve और quick removal के लिए एक आप्शन दिया होता है, आपको हमेशा उसका इस्तेमाल करना चहिये |


इस आप्शन को आप Device Manager > Disk Drives > Name of drive > Properties > Policies में जाकर एक्सेस कर सकते है | ऐसा भी मुमकिन है की आपके Windows PC में ये quick removal सेटिंग पहले से ही एक्टिवेट हो रखी हो |

दूसरी तरफ Mac और Linux लगभग सभी drives पर write caching का इस्तेमाल करते है | अगर आप Windows में Better Performance option को चुनते है तो आपको भी कुछ ऐसा ही behaviour दिखाई देगा जैसा Mac और Linux में होता है |

Better Performance option को चुनने से Windows डाटा को removal drive में सीधे write (Copy/Paste) करने से पहले cache ( एक तरह की मैमोरी जो RAM का पार्ट होती है) में स्टोर करेगी | साथ ही इसके बाद अचानक USB drive को निकालने पर आपको Safely Remove Hardware warning का मैसेज भी दिखाई देगा |





हमेशा USB Drives को Manually Eject करना चाहिए


अगर आप Windows PC का इस्तेमाल कर रहे है तो शायद आपको Safely Remove Hardware error मैसेज स्क्रीन पर नहीं दिखाई दे | लेकिन Windows डाटा के डिलीट हो जाने पर पूरी इनफार्मेशन provide नहीं करवाता और उसके background में भी अलग-अलग प्रोसेस चलती रहती है | तो ये मुमकिन है की quick removal setting के साथ भी आपका डाटा lose हो सकता है |

इसलिए हमेशा सावधानी के तौर पर अपनी USB drives को manually eject करना चाहिए | चाहे आप किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल कर रहे हो, इसे अपनी आदत बना लीजिए |

अगर आपको ये पोस्ट अच्छी लगी हो तो हमें कमेंट करके अपनी राय जरुर बताए |

WhatsApp Media – फोटो और वीडियो आपकी फोटो गैलरी में आने से परेशान है?

WhatsApp Media के साथ ये एक आम समस्या है की उसमे आने वाले फोटो वीडियो अपने आप आपके फ़ोन की कैमरा रील और गैलेरी में दिखने लगते है, जिसके कारण आपको अपने व्यक्तिगत फोटो देखने में दिक्कत आती है|



इस समस्या से छुटकारा पाने का ये है आसान तरीका –

  • आपके एंड्राइड फ़ोन में इसके लिए आपको ‘फाइल मैनेजमेंट’ एप की आवश्यकता होगी, जैसे की ‘ES File Explorer’. यदि आपके मोबाइल पे ये नहीं है तो इसे यहाँ डाउनलोड करें | फिर इस एप्प को खोले

  • इसमें सबसे नीचे जाकर ‘WhatsApp’ फोल्डर खोलें

  • फिर उसके अंदर ‘Media’ फोल्डर पर जाएँ

  • वहां आपको ‘WhatsApp Images’ और ‘WhatsApp Video’ फोल्डर नजर आएगा, इसमें WhatsApp Images फोल्डर पर जाएँ|

  • अब आप ‘+ New’ पर क्लिक करें|





  • File आप्शन पर क्लिक करें

  • यहाँ .nomedia नाम से फाइल बनायें और ‘Ok’ क्लिक करें|

बस हो गया!, बस अब आपके व्हाट्सअप के फोटो कैमरा गैलरी में नहीं आयेंगे.

ये ट्रिक अच्छी लगी हो तो आपसे अनुरोध है की आप इसे शेयर जरुर करें, और अगर आपका कोई सवाल है तो कृपया नीचे कमेंट करके हमे जरुर बताएं, धन्यवाद !

USB Pendrive Not Showing Files – आजकल पेनड्राइव का इस्तेमाल लगभग वे सभी लोग करते है जो कंप्यूटर या स्मार्टफ़ोन का इस्तेमाल करते है | पेनड्राइव का इस्तेमाल डाटा को एक डिवाइस से दूसरी डिवाइस में ट्रांसफर करने के लिए करते है, लेकिन कई बार ऐसा होता है की किसी पेनड्राइव को कंप्यूटर से जोड़ने पर उसमे कोई फाइल नहीं दिखाई देती, लेकिन असल में उसके अंदर डाटा मोजूद होता है |

ऐसा Virus, Trojon या Malwares के कारण होता है | इससे आपकी पेनड्राइव में कई बार shortcut बन जाते है और ये सारी फाइल्स को Hidden (छुपा) देते है | इससे आपकी पेनड्राइव की फाइल्स पर भी effect पड़ता है |



कई बार आप ये भी सोचते है की ऐसी पेनड्राइव को Antivirus प्रोग्राम से Scan करके उसमे से वायरस डिलीट कर देगे | आपका सोचना तो सही है – इससे वायरस तो डिलीट हो जाएगे, लेकिन इसमें Antivirus आपके डाटा को Recover कर पाता और वायरस के साथ आपकी फाइल्स भी Delete हो जाती है | तो ऐसी स्थिति में आपको क्या करना चाहिए ?

अपना डाटा Delete होने से बचाने के लिए ये स्टेप्स फॉलो कीजिए



USB Pendrive का Hidden डाटा कैसे वापस लाए

  • सबसे पहले आप अपने कंप्यूटर में Check करे की आपने show windows hidden file को ऑफ तो नहीं कर रखा – अगर ऑफ है तो उसे ऑन कर ले | 
  • उसके बाद भी अगर फाइल्स नहीं दिख रही तो Start Menu में जाकर “cmd” सर्च करके उसे ओपन करे 
  • अब बस उसके अंदर आपको ये कमांड टाइप करके enter बटन दबाना है 
  • attrib -h -r -s /s /d k:\*.*

Note : ध्यान रहे यहाँ पर K की जगह आपको अपनी USB Drive के Letter को लिखना है.


अब आपको 1 से 2 मिनट का इंतज़ार करना है, उसके बाद अपनी पेनड्राइव को खोले | आपको अपना डाटा बिना नाम वाले फोल्डर में मिलेगा, इसलिए सारे फ़ोल्डर्स को चेक करे और अपना जरुरी डाटा मिलने पर उसे रिकवर कर ले |

ROOT ANDROID SMARTPHONE – एंडराॅयड स्मार्टफोन में अक्सर आपने फोन रूट का नाम सुना होगा। परंतु आपको मालूम है कि यह रूट है क्या? इसके क्या फायदे और नुकसान हैं? आपके इन्हीं सवालों का जवाब हमने आगे दिया है। इसके साथ ही फोन रूट करने का तरीका भी बताया गया है।





ROOT Android – क्या है Phone root ?

फोन रूट को साधारण भाषा में जेलब्रेकिंग भी कहा जाता है। इसके माध्यम से आप अपने फोन में कई तरह के बदलाव कर सकते हैं। रूट आपको फोन के आॅपरेटिंग सिस्टम में बदलाव करने का अधिकार देता है। अर्थात आप चाहें तो फोन के लाॅक सिस्टम से लेकर अंदर मेन्यू और यूजर इंटरफेस तक में बदलाव कर सकते हैं।

इसमें मौजूदा एंडराॅयड आॅपरेटिंग सिस्टम की जगह एक नया एंडराॅयड आॅपरेटिंग सिस्टम (कस्टमाइज एंडराॅयड आॅपरेटिंग सिस्टम) को इंस्टाॅल किया जाता है।



ROOT Android – क्या हैं फायदे

अगर एंडराॅयड आॅपरेटिंग सिस्टम के बारे में यदि थोड़ी बहुत भी जानकारी है तो रूट के बाद आप अपने फोन के यूजर इंटरफेस तक में बदलाव कर सकते हैं। इतना ही नहीं कई ऐसे एप्लिकेशन का उपयोग कर सकते हैं जो पहले आपके फोन में उपयोग नहीं होते थे। रूट किए गए फोन के लिए कुछ खास एप्लिकेशन भी उपलब्ध हैं जिनका उपयोग साधारण एंडराॅयड फोन पर नहीं किया जा सकता।

रूट के बाद फोन के एप्लिकेशन पर आपका ज्यादा नियंत्रण होगा। आप चाहें तो पूरी तरह से विज्ञापनों को बंद कर सकते हैं। आप फोन से उन एप्ल्किेशन को अनइंस्टाॅल कर सकते हैं जो पहले से उपलब्ध थे और जिन्हें चाह कर भी आप पहले अनइंस्टॉल नहीं कर सकते थे। इससे फोन की इंटरनल मैमोरी खाली होती है।



ROOT Android – क्या है नुकसान

रूट करने का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि इससे आपके फोन की गारंटी व वारंटी समाप्त हो जाती है। इतना ही नहीं, रूट के दौरान यदि आपने सभी नियमों को सही तरीके से पालन नहीं किया तो आपका फोन पूरी तरह से बेकार हो जाता है। रूट किए गए फोन में सुरक्षा का जोखिम भी बढ़ जाता है।

फोन में वायरस आने का खतरा या आपकी निजी सूचनाएं चोरी होने का जोखिम थोड़ा बढ़ जाता है। यही वजह है कि गूगल रूट किए गए फोन में वाॅलेट सेवा नहीं देता।





कैसे करें फोन को रूट एंडराॅयड स्मार्टफोन को रूट करने के लिए


  • सबसे पहले आपको अपने पीसी के लिए किंग रूट एप्लिकेशन को डाउनलोड कर उसे इंस्टाॅल करना है।
  •  एप्लिकेशन पीसी जब इंस्टाॅल हो जाए तो उसे ओपेन करें जहां आपसे फोन को कनेक्ट करने के लिए कहा जाएगा।

  • फोन को कनेक्ट करने के साथ ही यह भी देख लें कि फोन में यूएसबी डीबगिंग का विकल्प आॅन हो। 
  • यूएसबी डीबगिंग का विकल्प आपको डेवलपर्स आॅप्शन में मिलेगा जो सेटिंग में होता है। यदि फोन ज्यादा पुराना है तो फिर डेवलपर्स आॅप्शन सेटिंग में एप्लिकेशन के अंदर मिलेगा। 
  •  यदि डेवलपर्स आॅप्शन कहीं नहीं दिखाई दे रहा है तो आप सेटिंग में अबाउट फोन में जाएं। 
  •  यहां आपको बिल्ट नंबर दिखाई देगा इसे प्रेस करें। लगातार कुछ देर प्रेस करने के बाद यहां लिखा आएगा कि आपके फोन में डेवलपर्स आप्शन पहले से है। 
  •  अब आप बाहर सेटिंग में आ जाएं यहां डेवलपर्स आॅप्शन का विकल्प मिल जाएगा उसे क्लिक करें। 
  •  यहां आपको यूएसबी डीबगिंग का विकल्प मिलेगा उसे आॅन कर दें।

  • इसके बाद फोन यूएसबी साॅफ्टवेयर इंस्टाॅल करेगा और आप अपने फोन में उसे अलाउ कर दें। 
  • इसके साथ ही फोन में रूट का विकल्प आएगा इसे क्लिक करते ही रूट की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

अब आप सुचनाओं को पढ़कर आगे बढ़ते जाएं। रूटिंग की प्रक्रिया समाप्त होते ही फिनिश लिखकर आ जाएगा।

*नोट- रूट के दौरान आपके फोन में किसी तरह की कोई खराबी होने पर SIMPLEGYAN.COM उत्तरदायी नहीं है।

फेसबुक ने अकाउंट सिक्योरिटी को बढ़ाने के लिए नया Facebook USB key authentication सपोर्ट लांच कर दिया है, इससे आप अपने social account को और ज्यादा secure कर सकते है. USB key के बारे में आपको बता दे की ये pendrive की तरह दिखने वाली device है , जिसके बिना कोई भी आपके account को बिना इसके open नहीं कर सकता.





इन steps से आप Facebook USB key authentication को अपने facebook अकाउंट पर एक्टिव कर सकते है

1 – अपने अकाउंट की setting में जाकर Security टैब को खोले और Setting up extra security को देखे, जिसमे Security keys option होगा


2 – Security keys section में Add Key पर क्लिक करना है, जिससे एक नया डायलॉग बॉक्स खुलेगा


3 – जब डायलॉग बॉक्स खुले तब उसमे आपको अपनी USB key लगानी है और जब USB key में light blink करने लगे तब इसके बटन को दबाना है


4 – एक बार Key add होने के बाद कन्फर्मेशन के लिए अपना पासवर्ड re-enter करना होगा साथ ही उसे कोई मनचाहा नाम देना होगा

5 – प्रोसेस complete होने के बाद आपकी नई Key आपको Security Keys section में दिखाई देगी




अगर आपने पहले physical authentication keys का इस्तेमाल नहीं किया है तो ये बाते ध्यान में जरुर रखे

साथ में Backup Keys रखे : जैसे हर छोटी चीज़ जो आपके पॉकेट या पर्स में होती है उसके गूम हो जाने खतरा होता है, इसलिए आपको Backup Keys जरुर रखनी चाहिए, Facebook आपको security के लिए एक से ज्यादा Keys इस्तेमाल करने की इज़ाज़त देता है |



दुसरे Backup Method भी इस्तेमाल करे : फिलहाल के लिए Facebook के Desktop साइट पर ही USB ऑथेंटिकेशन काम करता है, mobile साइट के लिए NFC-based Keys जैसे की YubiKey Neo का इस्तेमाल कर सकते है. जब तक facebook के mobile साइट में physical keys का सपोर्ट नहीं होता तब तक अपने app और SMS authentication को बैकअप mathod के तौर पर enabled करके रखिए

Facbook का USB authentication जरुरी नहीं है, लेकिन आप इसे एक शुरुआत के तौर पर देख सकते है क्योकि cybercriminals अब लोगो के social media acconts को target कर रहे है | इस पहल से privacy-conscious users को काफी फायदा होगा, शायद जल्दी ही दूसरी social media services भी इसे follow करे |

?????? ??????

नाम

ईमेल *

संदेश *

Blogger द्वारा संचालित.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget