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USB Pendrive Not Showing Files – आजकल पेनड्राइव का इस्तेमाल लगभग वे सभी लोग करते है जो कंप्यूटर या स्मार्टफ़ोन का इस्तेमाल करते है | पेनड्राइव का इस्तेमाल डाटा को एक डिवाइस से दूसरी डिवाइस में ट्रांसफर करने के लिए करते है, लेकिन कई बार ऐसा होता है की किसी पेनड्राइव को कंप्यूटर से जोड़ने पर उसमे कोई फाइल नहीं दिखाई देती, लेकिन असल में उसके अंदर डाटा मोजूद होता है |

ऐसा Virus, Trojon या Malwares के कारण होता है | इससे आपकी पेनड्राइव में कई बार shortcut बन जाते है और ये सारी फाइल्स को Hidden (छुपा) देते है | इससे आपकी पेनड्राइव की फाइल्स पर भी effect पड़ता है |



कई बार आप ये भी सोचते है की ऐसी पेनड्राइव को Antivirus प्रोग्राम से Scan करके उसमे से वायरस डिलीट कर देगे | आपका सोचना तो सही है – इससे वायरस तो डिलीट हो जाएगे, लेकिन इसमें Antivirus आपके डाटा को Recover कर पाता और वायरस के साथ आपकी फाइल्स भी Delete हो जाती है | तो ऐसी स्थिति में आपको क्या करना चाहिए ?

अपना डाटा Delete होने से बचाने के लिए ये स्टेप्स फॉलो कीजिए



USB Pendrive का Hidden डाटा कैसे वापस लाए

  • सबसे पहले आप अपने कंप्यूटर में Check करे की आपने show windows hidden file को ऑफ तो नहीं कर रखा – अगर ऑफ है तो उसे ऑन कर ले | 
  • उसके बाद भी अगर फाइल्स नहीं दिख रही तो Start Menu में जाकर “cmd” सर्च करके उसे ओपन करे 
  • अब बस उसके अंदर आपको ये कमांड टाइप करके enter बटन दबाना है 
  • attrib -h -r -s /s /d k:\*.*

Note : ध्यान रहे यहाँ पर K की जगह आपको अपनी USB Drive के Letter को लिखना है.


अब आपको 1 से 2 मिनट का इंतज़ार करना है, उसके बाद अपनी पेनड्राइव को खोले | आपको अपना डाटा बिना नाम वाले फोल्डर में मिलेगा, इसलिए सारे फ़ोल्डर्स को चेक करे और अपना जरुरी डाटा मिलने पर उसे रिकवर कर ले |

ROOT ANDROID SMARTPHONE – एंडराॅयड स्मार्टफोन में अक्सर आपने फोन रूट का नाम सुना होगा। परंतु आपको मालूम है कि यह रूट है क्या? इसके क्या फायदे और नुकसान हैं? आपके इन्हीं सवालों का जवाब हमने आगे दिया है। इसके साथ ही फोन रूट करने का तरीका भी बताया गया है।





ROOT Android – क्या है Phone root ?

फोन रूट को साधारण भाषा में जेलब्रेकिंग भी कहा जाता है। इसके माध्यम से आप अपने फोन में कई तरह के बदलाव कर सकते हैं। रूट आपको फोन के आॅपरेटिंग सिस्टम में बदलाव करने का अधिकार देता है। अर्थात आप चाहें तो फोन के लाॅक सिस्टम से लेकर अंदर मेन्यू और यूजर इंटरफेस तक में बदलाव कर सकते हैं।

इसमें मौजूदा एंडराॅयड आॅपरेटिंग सिस्टम की जगह एक नया एंडराॅयड आॅपरेटिंग सिस्टम (कस्टमाइज एंडराॅयड आॅपरेटिंग सिस्टम) को इंस्टाॅल किया जाता है।



ROOT Android – क्या हैं फायदे

अगर एंडराॅयड आॅपरेटिंग सिस्टम के बारे में यदि थोड़ी बहुत भी जानकारी है तो रूट के बाद आप अपने फोन के यूजर इंटरफेस तक में बदलाव कर सकते हैं। इतना ही नहीं कई ऐसे एप्लिकेशन का उपयोग कर सकते हैं जो पहले आपके फोन में उपयोग नहीं होते थे। रूट किए गए फोन के लिए कुछ खास एप्लिकेशन भी उपलब्ध हैं जिनका उपयोग साधारण एंडराॅयड फोन पर नहीं किया जा सकता।

रूट के बाद फोन के एप्लिकेशन पर आपका ज्यादा नियंत्रण होगा। आप चाहें तो पूरी तरह से विज्ञापनों को बंद कर सकते हैं। आप फोन से उन एप्ल्किेशन को अनइंस्टाॅल कर सकते हैं जो पहले से उपलब्ध थे और जिन्हें चाह कर भी आप पहले अनइंस्टॉल नहीं कर सकते थे। इससे फोन की इंटरनल मैमोरी खाली होती है।



ROOT Android – क्या है नुकसान

रूट करने का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि इससे आपके फोन की गारंटी व वारंटी समाप्त हो जाती है। इतना ही नहीं, रूट के दौरान यदि आपने सभी नियमों को सही तरीके से पालन नहीं किया तो आपका फोन पूरी तरह से बेकार हो जाता है। रूट किए गए फोन में सुरक्षा का जोखिम भी बढ़ जाता है।

फोन में वायरस आने का खतरा या आपकी निजी सूचनाएं चोरी होने का जोखिम थोड़ा बढ़ जाता है। यही वजह है कि गूगल रूट किए गए फोन में वाॅलेट सेवा नहीं देता।





कैसे करें फोन को रूट एंडराॅयड स्मार्टफोन को रूट करने के लिए


  • सबसे पहले आपको अपने पीसी के लिए किंग रूट एप्लिकेशन को डाउनलोड कर उसे इंस्टाॅल करना है।
  •  एप्लिकेशन पीसी जब इंस्टाॅल हो जाए तो उसे ओपेन करें जहां आपसे फोन को कनेक्ट करने के लिए कहा जाएगा।

  • फोन को कनेक्ट करने के साथ ही यह भी देख लें कि फोन में यूएसबी डीबगिंग का विकल्प आॅन हो। 
  • यूएसबी डीबगिंग का विकल्प आपको डेवलपर्स आॅप्शन में मिलेगा जो सेटिंग में होता है। यदि फोन ज्यादा पुराना है तो फिर डेवलपर्स आॅप्शन सेटिंग में एप्लिकेशन के अंदर मिलेगा। 
  •  यदि डेवलपर्स आॅप्शन कहीं नहीं दिखाई दे रहा है तो आप सेटिंग में अबाउट फोन में जाएं। 
  •  यहां आपको बिल्ट नंबर दिखाई देगा इसे प्रेस करें। लगातार कुछ देर प्रेस करने के बाद यहां लिखा आएगा कि आपके फोन में डेवलपर्स आप्शन पहले से है। 
  •  अब आप बाहर सेटिंग में आ जाएं यहां डेवलपर्स आॅप्शन का विकल्प मिल जाएगा उसे क्लिक करें। 
  •  यहां आपको यूएसबी डीबगिंग का विकल्प मिलेगा उसे आॅन कर दें।

  • इसके बाद फोन यूएसबी साॅफ्टवेयर इंस्टाॅल करेगा और आप अपने फोन में उसे अलाउ कर दें। 
  • इसके साथ ही फोन में रूट का विकल्प आएगा इसे क्लिक करते ही रूट की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

अब आप सुचनाओं को पढ़कर आगे बढ़ते जाएं। रूटिंग की प्रक्रिया समाप्त होते ही फिनिश लिखकर आ जाएगा।

*नोट- रूट के दौरान आपके फोन में किसी तरह की कोई खराबी होने पर SIMPLEGYAN.COM उत्तरदायी नहीं है।

फेसबुक ने अकाउंट सिक्योरिटी को बढ़ाने के लिए नया Facebook USB key authentication सपोर्ट लांच कर दिया है, इससे आप अपने social account को और ज्यादा secure कर सकते है. USB key के बारे में आपको बता दे की ये pendrive की तरह दिखने वाली device है , जिसके बिना कोई भी आपके account को बिना इसके open नहीं कर सकता.





इन steps से आप Facebook USB key authentication को अपने facebook अकाउंट पर एक्टिव कर सकते है

1 – अपने अकाउंट की setting में जाकर Security टैब को खोले और Setting up extra security को देखे, जिसमे Security keys option होगा


2 – Security keys section में Add Key पर क्लिक करना है, जिससे एक नया डायलॉग बॉक्स खुलेगा


3 – जब डायलॉग बॉक्स खुले तब उसमे आपको अपनी USB key लगानी है और जब USB key में light blink करने लगे तब इसके बटन को दबाना है


4 – एक बार Key add होने के बाद कन्फर्मेशन के लिए अपना पासवर्ड re-enter करना होगा साथ ही उसे कोई मनचाहा नाम देना होगा

5 – प्रोसेस complete होने के बाद आपकी नई Key आपको Security Keys section में दिखाई देगी




अगर आपने पहले physical authentication keys का इस्तेमाल नहीं किया है तो ये बाते ध्यान में जरुर रखे

साथ में Backup Keys रखे : जैसे हर छोटी चीज़ जो आपके पॉकेट या पर्स में होती है उसके गूम हो जाने खतरा होता है, इसलिए आपको Backup Keys जरुर रखनी चाहिए, Facebook आपको security के लिए एक से ज्यादा Keys इस्तेमाल करने की इज़ाज़त देता है |



दुसरे Backup Method भी इस्तेमाल करे : फिलहाल के लिए Facebook के Desktop साइट पर ही USB ऑथेंटिकेशन काम करता है, mobile साइट के लिए NFC-based Keys जैसे की YubiKey Neo का इस्तेमाल कर सकते है. जब तक facebook के mobile साइट में physical keys का सपोर्ट नहीं होता तब तक अपने app और SMS authentication को बैकअप mathod के तौर पर enabled करके रखिए

Facbook का USB authentication जरुरी नहीं है, लेकिन आप इसे एक शुरुआत के तौर पर देख सकते है क्योकि cybercriminals अब लोगो के social media acconts को target कर रहे है | इस पहल से privacy-conscious users को काफी फायदा होगा, शायद जल्दी ही दूसरी social media services भी इसे follow करे |

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