SEO Kya Hota Hai? – In Hindi : A Step-by-Step Learn Guide

Search Engine Optimization (SEO) meaning in Hindi : SEO एक process है जिसका use करके हम search engines में अपनी website की Organic ranking increase कर सकते हैं

SEO Kya Hota Hai Learn Step By Hindi Urdu

SEO Kya Hota Hai: इंटरनेट की दुनिया का एक बहुत बड़ा सवाल SEO यानि Search Engine Optimization क्या होता है? अंग्रेजी में कहें तो What is search engine optimization - SEO (meaning in Hindi). चूँकि सवाल बहुत बड़ा है तो इसका जवाब भी कुछ अलग अंदाज़ में दिया जाना चाहिए ताकि आप इसे आसानी से समझ और इस्तेमाल कर सकें. इसीलिए मैंने इस Post को Step By Step Guide और Tutorial के रूप में Design और तैयार किया है

पहले एक सवाल - क्या आपको पता है Internet पर एक दिन में कितनी Blog Posts या Artical’s को Publish किया जाता है. कोई आईडिया ?

जरा कुर्सी संभाल लें, जानकार चौंक जाएंगे, अकेले WordPress के users द्वारा हर दिन करीब 2 Million (2 अरब) posts को Publish किया जाता है. थोडा और गहराई से हिसाब लगाए तो हर एक सेकंड में 24 Blog Post.

यानी जब तक आपने उपर वाली चार लाइनों को पढ़ा होगा 216 नई Blog Post Publish हो चुकी होंगी.

ये बात हो रही है केवल WordPress Users की, अगर बाकि सभी Blog Posts को भी साथ में जोड़े तो ये नंबर बहोत उपर जाने वाला है.

अब बात मुद्दे की, इसका SEO से क्या लेना देना? जवाब है अगर आपको अपनी Blog Post को इतनी सारी Posts में से Top पर लाना है और अपने Blog या Website के Business को Successful बनाना है तो ये बहोत जरुरी है.

अगर मैं खुद की बात करूँ तो किसी भी Post को लिखने में 4 से 5 घंटे खपाने के बाद उसे Optimize करने के लिए 15 से 20 मिनट का टाइम अलग से देना पड़ता है. क्योकि अकेले एक शब्द “SEO” के बारे में जानने के लिए करोड़ों लोग हर महीने इसे Google करते है.

एक औसत दिन की ही बात करें तो Google पर हर दिन करीब 2.2 million (2.2 अरब) बार किसी ना किसी चीज़ को Type करके Search किया जाता है. जैसे - Songs, Movies, Video, PDF या दूसरी हज़ारों चीज़े. ध्यान रखियेगा ये हम बात कर रहें है केवल Google के बारे में, बाकि दुसरे Search Engine's का Record भी मिलाया तो फिर बात ही छोड़ो.

तो मेरी इन सब बातो से आपके दिमाग में एक घंटी तो जरुर बजी ही होगी की Google के Search Result में Top पर आना आपके और आपके Business के लिए कितना ज्यादा जरुरी है.

असली सवाल अभी बाकी है –


SEO का मतलब क्या है | What is search engine optimization -(SEO meaning in Hindi)

ये तो शायद आपको पता ही होगा की इसे Search Engine Optimization कहते है. लेकिन आपको किसे Optimize करना है ?

आपके Blog या Website की design को ?

या उसमे लिखे हुए Content को ?

और या फिर शायद इसके Links को ?

तो जवाब भी सुन लीजिए, हाँ, हाँ और हाँ – ये सभी और साथ में कुछ दूसरी चीजें भी है

चीजों को और बेहतर तरीके से समझने के लिए जरुरी है की हम इस SEO guide को एक क्रम में Step By Step समझें और Learn करें – तो शुरू करते है


Definition (परिभाषा) – इंटरनेट पर ज्ञान के अथाह सागर माने जाने वाले Wikipedia के अनुसार “SEO is the process of affecting the visibility of a website or a web page in a search engine’s unpaid results.” मतलब किसी Website या Web Page का Google के unpaid results में टॉप पर आने का तरीका.

ये शायद आपके समझ में नहीं आया हो, तो इसे थोड़े और आसान शब्दों में तोड़ते है,

Search Engine Optimization [SEO] एक Process है जिससे आप अपने Online Content को Optimize करते है ताकि जब भी कोई व्यक्ति किसी एक Keyword (जिसके बारे में आप अपने ब्लॉग या वेबसाइट में बता रहें है) को Google या किसी दुसरे Search Engine में Search करता है तो वो Search Engine इसे top result में दिखाए, वो भी बिना किसी Advertisement के, यानि बिना कोई पैसा खर्च किए. Paid और Unpaid Results के बारे में हम आगे बात करेंगे.

कुछ लोगों को शायद अभी भी SEO की Basic Working के बारे में पता नहीं होगा, चलिए समझते है -

SEO की बात करें तो इसमें 3 लोग शामिल होते है - पहले आप, दूसरा search engine (ज्यादातर Google) और तीसरा Searcher यानी खोजी जो किसी चीज़ के बारे में जानना चाहता है. अब मान लीजिए आपने कोई article लिखा how to make ice cream (आइसक्रीम कैसे बनायें?). तो अब आप चाहते है की search engine (जो की 90% case में Google ही होता है) आपके article को सबसे top पर दिखाए जब भी कोई search करे how to make ice cream (आइसक्रीम कैसे बनायें?)

तो SEO ही वो जादू की कला है जिसे आपको सीखना है ताकि Google आपकी post को top results में ले आए जब भी कोई उस keyword को search करे जिसके बारे में आपने लिखा है

अभी हमें SEO और उसमे इस्तेमाल होने वाली शब्दावली के बारे में थोड़ा और गहराई से जानने की जरूरत है, ताकि आप चीजों को एक ही बार में आसानी से समझ सकें.

तो सबसे पहले दो चीजों के बारे में बात करते है – पहला SERP क्या होता है और दूसरा Organic और inorganic results


SERP क्या होता है? -

इसे Search engine result page (SERP) कहते है, सीधे शब्दों में कहें तो Google के search box में कुछ भी type करने पर जो result आपको Search Bar के नीचे दिखाई देता है उसे SERP कहते है.


Organic और inorganic results क्या है? -

SERP यानि result page पर आपको दो तरह के results या listings मिलती है, एक होता है Organic और दूसरा inorganic.

Inorganic Listing एक तरह से Advertisement (विज्ञापन) या Short में कहें तो Ad ही होते है जो search result के रूप में हमें मिलते है, अगर आप inorganic listing में अपनी website या blog को दिखाना चाहते है तो इसके लिए आपको google को पैसे देने होंगे

इसके उलट organic listing free होती है, यानि बिना google को पैसे दिए search result में top पर आना और इसी चीज़ के लिए हमें जरूरत होती है SEO की. नीचे image में पहले क्रम में लाल निशान से दिखाए हुए Advertisement(विज्ञापन) result है, जिसे दिखाने के लिए Google को उन Websites ने पैसे दिए है और उसके नीचे हरे निशान में दिखाए हुए Organic यानि बिना Google को पैसे दिए और सही SEO से मिलने वाले result है -

Organic - Inorganic Results
Organic - Inorganic Results

तो इससे शायद आपको समझ आ गया होगा की SEO की जरूरत इतनी ज्यादा क्यों है

अब समय है ये जानने का की SEO को कैसे और किस तरह इस्तेमाल किया जाता है, इसलिए आगे मेने इसे पांच भागो में devide किया है और हर एक भाग को हम विस्तार से जानेंगे और समझेंगे.

अगर इनमे से किसी भाग के बारे में पहले से जानते है और सीधे आगे वाले भाग के बारे में जानना चाहते है तो सभी के Link नीचे दिए हुए है, Click करके सीधे किसी भी भाग को पढ़ सकते है –


Detailed Overview of Search Engine Optimization (SEO) - HINDI

बात शुरू करते है कुछ आंकड़ो से, पूरी दुनिया में जितने भी लोग या Searchers जो इंटरनेट पर Online आकर किसी चीज़ के बारे में जानना चाहते है वो इसकी शुरुआत search engine से करते है, और लगभग 75% Searchers इसके लिए Google का इस्तेमाल करते है.

इसके साथ ही एक रोचक बात ये भी है की Google पर दिखने वाले पहले पांच Results पर लगभग 67% लोग Click करते है यानी 100 में से 67 लोग पहले पांच Results को ही तवज्जो देते है. इसके भी कई कारण हो सकते है, शायद समय की कमी या फिर सबसे बेस्ट वाले को ही चुनना. इससे आपको एक Overview या आईडिया तो लग ही गया होगा की क्यों search engine optimization इतना ज्यादा जरुरी है.

अब ये तो आपको पता ही होगा की इंटरनेट पर कितनी जल्दी किसी भी topic पर troll या joke बन जाते है, तो लोग SEO को भी कहाँ छोड़ने वाले थे. इसे title दिया की Google के search में पहले page पर आना कितना ज्यादा मुश्किल है.

अगर आपके पास कोई dead body भी है तो और आप उसे छुपाना चाहते है, तो इसे आप Google Search Result के Second Page पर रख सकते है. क्योंकि वहां इसे कोई नहीं ढूँढने वाला.

बात सीधी है, अगर आपका article, blog post या product गूगल के search result में पहले page के अलावा किसी भी दुसरे page पर आता है तो इसका सीधा मतलब है ये किसी भी angle से rank नहीं कर रहा है.

तो अब अगर आप सोच रहे है की search engine results में पहले page पर कैसे आया जाए तो इसके लिए पहले ये जानना ज्यादा जरुरी है की आखिर search engine या search काम कैसे करता है. चलिए जानते है.

How Search Works:

SEO का basic idea लेने के बाद अब इसके components के बारे में detail से जानते है 

शायद आपको पता नहीं होगा की Google अपने search algorithm यानी वो तरीके जिससे वो पता लगाता है की किस Website को result में top पर दिखाना है, को काफी सुरक्षित और संभाल कर रखता है. इसके लगभग 200 से ज्यादा तरह के determining factors (किसी Website की Ranking निकालने के तरीके) भी है, जिनमे से अभी तक सारे public नहीं है.

इससे पहले आपको एक और जरुरी चीज़ सीधे शब्दों में बताना चाहूँगा. SEO करने के दो तरीके होते है और इन्ही के बारे में हम आगे जानेंगे की क्या होते है और कैसे काम करते है

white hat SEO और black hat SEO


SEO Types: White hat vs. black hat

इसके बारे में शुरुआत करते है एक कहावत के साथ, जो की आपने शायद सुनी होगी. आपको हमेशा लंबी रेस का घोड़ा बनना चाहिए, ना की बस जल्दी पैसे बनाने के चक्कर में पड़ना चाहिए.

बिल्कुल यही बात लागू होती है search engine optimization पर भी. कुछ लोग इसमें बस इसलिए शामिल है की कैसे भी करके जल्दी से सफलता पा ली जाए, जबकि दूसरी तरफ कुछ लोग इसे एक लंबी दौड़ मानते हुए इसमें निरंतर प्रयास करते रहते है.

अगर आप SEO को एक जल्दी से अमीर बनाने वाली स्कीम मानकर इस्तेमाल करते है, तो इस बात की पूरी-पूरी संभावना है की आप इसके लिए black hat SEO का इस्तेमाल कर रहें है.

इस तरह के SEO में पूरा focus केवल अपने content को search engine के लिए optimize करने में किया जाता है, इंसानों को ध्यान में रखना तो वे बिल्कुल भूल ही जाते है. ऐसे बहोत से तरीके है जिनसे नियमों को तोड़मोड़ कर आप अपनी website को high ranking पर ला सकते है. ये सभी black hat SEO के जरिए कुछ पैसा बनाने के तरीके है. बात तो सही है, लेकिन इसके नुकसान क्या क्या है?

इससे होगा ये है की आखिर में जाकर आपकी Website के pages बन जाएंगे spammy और गंदे से, जिनको बहोत जल्दी बैन कर दिया जाता है. इससे आपकी सारी मेहनत पर एकसाथ पानी फिर सकता है, जो आपको काफी ज्यादा निराश भी कर सकता है.

इससे शुरू में आपको थोडा बहुत लाभ आपको मिल सकता है, लेकिन आपको हमेशा देखते रहना होगा की search engine में क्या नए updates हुए है, क्या नए rules और regulation बनाए गए है जिससे spammy pages को और जल्दी पहचान कर उन्हें बैन किया जाए. इसके बाद हर बार सोचना होगा की इन नए नियमों को चकमा कैसे दिया जाए और आप बैन होने से बचे रहें

अब दूसरी तरफ बात करते है white hat SEO की, सीधे शब्दों में बात करू तो ये एक टिकाऊ online business बनाने का तरीका है. अगर आप इस approach के साथ काम करेंगे तो आपको केवल अपने human audience पर ही focus करना होगा

इससे आप अपना सबसे best content उन तक पहुंचा पायेंगे और इसके लिए बस search engine के कुछ basic rules ही follow करने पड़ेंगे

  • मेरी आने वाली पोस्ट : Black hat और White hat SEO में difference

अब इतना तो आप समझ ही गए होंगे की में सही चीज़, यानि white hat SEO के बारे में ही बात करने वाला हूँ

लेकिन थोडा ठहरिये, कहानी में twist अभी बाकी है.

ये तो आप भी जानते ही है की जिंदगी में हमेशा सबकुछ पूरी तरह black (गलत) या white (सही) नहीं होता

ठीक यही बात SEO पर भी लागू होती है, कहने का मतलब white vs. black की इस बातचीत में एक तीसरा topic भी शामिल है, जिसके बारे में बात करना जरुरी है.

Gray hat SEO, जैसा की नाम से ही पता चल रहा है, ये थोडा black और थोडा white है.

मतलब साफ़ है की ये white hat की तरह पूरा साफ़-सुथरा और innocent तो नहीं है, लेकिन black hat के जैसे भयंकर रूप से हेरफेर या जोड़ तोड़ करके भी नहीं किया जाता.

इसमें आप gray hat के जरिए किसी के साथ trick (छल) नहीं करते और ना ही जानबूझकर पुरे system के साथ कोई game खेलकर उसे बेवकूफ बनाने की कोशिश करते है. यहाँ आप कोशिश करते है की आपको बस थोडा सा distinct advantage (विशिष्ट लाभ) मिल जाए. इसके बारे में आगे बात करेंगे की ये सही है या गलत.

इससे एक और बात सामने निकल कर आती है - Google अपने standards या नियमों के बारे में इतना भी clear-cut नहीं है जितना की वो अपने सभी users को बताता है और चाहता है की सभी इन्हें अच्छी तरह follow करें. कई बार तो Google खुद contradictory things (विरोधाभासी चीजें) कह देता है.

उदाहरण के लिए google का कहना है की links build करने के लिए guest blogging के इस्तेमाल का वो प्रशंसक नहीं है या इसे सही तरीका नहीं मानता.

  • मेरी आने वाली पोस्ट - क्या है guest blogging के जरिए links बनाना और क्यों google इसे सही नहीं मानता है

Blogging की दुनिया में कुछ लोग इसे सही मानते है और कुछ लोग इसका विरोध भी करते है.

SEO के rules हमेशा बदलते रहते है और अक्सर ये rules ख़राब ढंग से भी define किए जाते है. इससे ये सबकुछ एक game की तरह बन जाता है और इस चक्कर में कई brand अपने प्रतिद्वंद्वी से ज्यादा traffic पाने के लिए अलग-अलग methods या तरीके अपनाते है.

इसी के चलते gray hat SEO का इस्तेमाल होना शुरू हो जाता है. gray hat में classic link building techniques जैसे तरीकों का इस्तेमाल करके links build किए जाते है.

कई SEO experts की माने तो बहोत से नामी brands जैसे The New York Times भी gray hat SEO के जरिए links build करते है. आप इसे technically, google के rules के खिलाफ मान सकते है.

सही मायनों में अभी तक search engines का rankings बनाने (यानि किस Website को पहले result में दिखाया जाना चाहिए और किसे नहीं) का तरीका इतना अच्छा नहीं है जितना की इसे होना चाहिए.

हालांकि ranking बनाने के लिए नई algorithm बनाई जा रही है, जैसे की – RankBrain, लेकिन ये भी थोडा नाटकीय रूप से ही मदद करती है. इसीलिए ये कहना ही उचित होगा की अभी हम पूरी तरह इस उलझन से निकल नहीं पाए है.

उम्मीद करता हूँ इन सब चीजों से आप black hat, white hat और gray hat के बारे में थोडा बहोत तो जान ही चुके होंगे. gray hat SEO के बारे में एक और चीज़ कहना चाहूँगा की –

ये सही तरीका है या गलत, इसके बारे में मैं खुद कुछ नहीं कहना चाहूँगा, ये पूरी तरह आपके सोचने के तरीके पर निर्भर करता है. इसके बारे में अपने विचार मुझे comment करके जरुर बताएं.

इसके साथ एक सलाह ये भी होगी की आपके बहुत से competitors इस मुकाबले में top पर पहुँचने के लिए कुछ भी करने को तैयार होंगे. वो प्रयास करेंगे की किसी भी तरह आपका मनोबल कम किया जाए और आप मैदान से बहार हो जाएँ.

तो ये चीज़ आपको तय करनी पड़ेगी की आप किस रास्ते पर जाना चाहते है और किस हद तक आप risk उठा कर competition में बने रह सकते है, बिना नियमों को तोड़े.


On-Page SEO vs. Off-Page SEO in HINDI: घर की अंदर और बाहर से सफाई

Heading देख के शायद आपको थोड़ी हंसी आ जाए, लेकिन यहाँ हम बात SEO के बारे में ही करने वाले है. चलिए शुरू करते है – मोटे तौर पर देखें तो SEO को दो categories में बांटा जाता है, on-page SEO और off-pageSEO.

on-page SEO निर्भर करता है Google के ranking factors पर और इसकी जानकारी वो सीधे उस page को देखकर निकाल लेता है जिसे की आप optimize करना चाहते है. इसके लिए वो page में headlines, content, और उसके page structure को देखता है.

दूसरी तरफ off-page SEO निर्भर करता है कुछ variables (यानि वो चीज़े जो बदलती रहती है) पर, जिन्हें Google देखता और परखता है. ये चीज़े पूरी तरह से हमारे हाथ में भी नहीं होती है. देखा जाए तो ये कुछ दुसरे resources जैसे की - social network, जिस subject पर आपकी website है उसी से जुडी दूसरी websites, और searcher (गूगल पर कोई चीज़ खोजने वाला) की personal history.

ये दोनों ही चीज़े अलग-अलग है, लेकिन हमें सही तरीके से SEO करने के लिए दोनों को सही order और balance में रखना होता है.

इसे थोडा और बेहतर समझने के लिए example पर ध्यान दीजियेगा, इससे आपको ये भी पता चल जायेगा की मैंने उपर वाली heading को ऐसा क्यों लिखा था - घर की अंदर और बाहर से सफाई: on-page SEO vs. off-pageSEO

कल्पना करें की आपके पास एक घर है जिसमे सामने की तरफ एक garden है और उस garden में से होता हुआ एक छोटा सा रास्ता घर के दरवाजे तक जाता है.

अब अपने दिमाग में दो condition को सोचिए:

Condition #1: आपका घर अंदर से एकदम super clean है, लेकिन घर के सामने का garden काफी गंदा हुआ पड़ा है.

तो इस condition में क्या होगा? बात साफ़ है, चाहे आपका घर अंदर से कितना ही आलिशान क्यों ना हो, अगर आपका garden गंदा, बिखरा हुआ है तो कोई भी पहली बार में सीधा अंदर नहीं आना चाहेगा.

Example On Page Off Page SEO
On-Page SEO vs. Off-Page SEO

बिल्कुल यही नतीजा होता है, जब आप अपनी Website के page को on-page SEO से optimize नहीं करते. कहने का मतलब ये है की हो सकता है इसके अंदर का content बहोत ही अच्छा हो और वो दिखने में भी काफी जबरदस्त हो, लेकिन इसकी पूरी संभावना है की कोई आपको इसके लिए credit ना दें और आपके page को आगे share ना करे.

इससे होगा ये की आपकी असली मेहनत या कहें आपके masterpiece को कभी कोई देख ही नहीं पायेगा, क्योंकी आपको उस हिसाब से traffic कभी नहीं मिलेगा.

अब बात करते है दूसरी Condition के बारे में

Condition #2: आपने garden को एकदम साफ़ सुथरा किया हुआ है, लेकिन अंदर से आपका घर काफी गंदा और बिखरा हुआ है.

क्या आपको लगता है चीजों को आपस में बदल देने से result पर कोई प्रभाव पड़ेगा? अगर आपका garden काफी अच्छा है तो संभवत वो काफी सारे लोगो को आपके घर की तरफ आकर्षित कर सकता है, लेकिन जब वो लोग घर के अंदर गंदगी और कचरा देखेंगे तो उनकी सोच कितनी जल्दी बदल सकती है?, शायद इतनी जल्दी की जब तक आप SEO शब्द को बोलेंगे, इससे पहले ही वो आपकी Website को Close कर दें.

जरुरी बात – जब आपका कोई visitor आपकी website पर आता है और केवल एक ही page देखकर चला जाता है, तो Google उसे bounce के रूप में समझता है. तो जितनी ज्यादा आपकी bounce rate (यानि visitor की संख्या जो एक page देखते ही आपकी site से तुरंत चले जाते है) होगी, उतनी ही बुरी तरह से आपका page google पर rank करेगा.

इसीलिए मैंने शुरू में ही आपको बताया था की on-page SEO और off-page SEO दोनों पर बराबर काम करना जरुरी है.


On-Page SEO

On page SEO का काम आपके blog में होता है. इसका मतलब है की अपने website को ठीक तरह से design करना जो SEO friendly हो. SEO के rule को follow कर अपने website में template का इस्तेमाल करना. अच्छे contents लिखना और उनमे अच्छे keywords का इस्तेमाल करना जो search engine में सबसे ज्यादा खोजी जाती है. Keywords का इस्तेमाल page में सही जगह करना जैसे Title, Meta description, content में keyword का इस्तेमाल करना इससे Google को जानने में आसानी होती है की आपका content किसके ऊपर लिखा गया है और जल्दी आपके website को Google page पर rank करने में मदद करता है जिससे आपके blog की traffic बढती है.

On Page SEO Techniques in Hindi

यहाँ पर हम कुछ ऐसे techniques के बारे में जानेंगे जिनकी मदद से हम अपने Blog या Website को On Page SEO अच्छे तरीके से कर सकेंगे.

1. Website Speed

Website speed एक बहुत ही महत्वपूर्ण कड़ी है SEO के दृष्टी से. एक survey से पाया गया है की किसी भी Visitor ज्यादा से ज्यादा 5 से 6 seconds ही किसी blog या website पर रहता है. अगर वो इसी समय के भीतर नहीं खुला तब वो उसे छोड़ दुसरे में Migrate हो जाता है. और ये बात Google के लिए भी लागु होती है क्यूंकि अगर आपका Blog जल्दी नहीं खुला तब एक negative signal Google के पास पहुँच जाता है की ये blog उतनी अच्छी नहीं है या ये ज्यादा fast नहीं है. तो जितना हो सके अपनी साईट की स्पीड अच्छी रखें.

यहाँ मैंने कुछ important tips दिए है जिससे आप अपनी blog या website की speed fast कर सकते हैं :

  • Simple और attractive theme का इस्तमाल करें
  • ज्यादा plugins का इस्तेमाल न करें
  • Image का size कम-से-कम रखें
  • W3 Total cache और WP super cache plugins का इस्तमाल करें

2. Website की Navigation

अपनी blog या website में इधर उधर जाना आसान होना चाहिए जिससे कोइ भी visitor और Google को एक पेज से दूसरे पेज में जाने में कोई परेशानी ना हो|

3. Title Tag

अपनी website में टाइटल टैग बहुत ही अच्छा बनाए जिससे कोइ भी visitor उसे पढ़े तो उसे जल्द से जल्द आपके टाइटल पर Click कर दे इससे आपका CTR भी increase होगा.

कैसे बनायें अच्छे Title Tag : – अपने Title में 65 word से ज्यादा Words का इस्तमाल न करें क्यूंकि Google 65 words के बाद google searches में title tag show नही करता है.

4. Post का URL कैसे लिखें

हमेशा अपने post का url आप जितना simple और छोटा हो सके उतना रखें.

5. Internal Link

ये अपने Post को rank करने के लिए एक बेहतरीन तरीका है. इससे आप अपने Related Pages को एक दुसरे के साथ Interlinking कर सकते हैं. इससे आपके सभी Interlinked pages आसानी से rank हो सकते हैं.

6. Alt Tag

अपने Website के post में images का इस्तमाल जरुर करें. क्यूंकि images से आप बहुत सारा traffic पा सकते हैं इसलिए image को इस्तमाल करते समय उसमें ALT TAG लगाना ना भूले.

7. Content, Heading और keyword

Content के बारे में जैसे की हम सभी जानते हैं की ये बहुत ही महत्वपूर्ण कड़ी है. क्यूंकि Content को King भी कहा जाता है और जितनी अच्छी आपकी Content होगी उतने अच्छे site की valuation होगी. इसलिए कम से कम 800 words से ज्यादा words के Content लिखें. इससे आप पूरी जानकारी भी दे सकते हैं और ये SEO के लिए भी अच्छा है. कभी भी किसी दुसरे से Content न चुराएँ या copy करें.

Heading: अपने Article के Headings का ख़ास ख्याल रखना चाहिए क्यूंकि इससे SEO पर काफी impact पड़ता है. Article का Title तो H1 होता है और इसके बाद के Sub headings को आप H2, H3 इत्यादि से नामांकित कर सकते हैं. इसके साथ आप focus keyword का जरुर इस्तमाल करे.

Keyword : आप Article लिखते समय LSI Keyword का इस्तमाल करें. इससे आप लोगों के Searches को आसानी से link कर सकते हैं. इसके साथ important keywords को BOLD करें जिससे की Google और Visitors को ये पता चले की ये जरुरी Keywords हैं और उनका ध्यान इसके तरफ आकर्षित होगा.

यह थे कुछ point On-Page seo के बारे में कुछ जानकरी.

Off-Page SEO

Off page SEO का सारा काम blog के बाहार होता है. Off page SEO में हमे अपने blog का promotion करना होता है जैसे बहुत से popular blog में जाकर उनके article पर comment करना और अपने website का link submit करना इसे हम backlink कहते हैं. Backlink से website को बहुत फायेदा होता है. social networking site जैसे Facebook, twitter, Google+ पर अपने website का attractive page बनाइये और अपने followers बढाइये इससे आपके website में ज्यादा visitors बढ़ने के chances होते हैं. बड़े बड़े blogs में जो बहुत ही मसहुर हैं उनके blog पर guest post submit करीए इससे उनके blog पे आने वाले visitors आपको जानने लगेंगे और आपके website पर traffic आना शुरू हो जायेगा.

Off Page SEO Techniques in Hindi -

यहाँ पर में आप लोगों को कुछ Off Page SEO Techniques के बारे में बताऊंगा जो की आपके लिए बहुत उपयोगी सिद्ध होगा आगे चलकर.

1. Search engine submission: अपनी वेबसाइट को सही तरीके से सारे सर्च इंजन में submit करना चाहिए.

2. Bookmarking: अपनी blog या website के page और post को Bookmarking वाली वेबसाइट में submit करना चाहिए.

3. Directory Submission : अपनी blog या website को popular high PR वाली Directory में submit करना चाहिए.

4. Social media: अपनी blog या website का page और Social Media पर Profile बनाना चाहिए और अपनी वेबसाइट का link Ad करदो like फेसबुक, गूगल+, twitter, LinkedIn

5. Classified submission: Free Classified Website में जाकर अपनी वेबसाइट का फ्री मे advertise करना चाहिए.

6. Q & A site: आप question and answer वाली वेबसाइट में जाकर कोई भी question कर सकते हो और अपनी साईट का लिंक लगा सकते हैं.

7. Blog commenting : अपने Blog से Related ब्लॉग पर जाकर उनके पोस्ट में कमेंट कर सकते हैं और अपनी website का link लगा सकते हो (link वही लगाना चाहिए जहाँ website लिखा होता है)

8. Pin : आप अपनी Website के image को pinterest पर पोस्ट कर सकते हैं यह एक बहुत अच्छा तरीका है traffic increase करने का.

9. Guest Post: आप अपनी वेबसाइट से Related ब्लॉग पर जाकर Guest Post कर सकते हैं यह सबसे अच्छा वे है जहाँ से आप do-follow link ले सकते हैं और वो भी बिलकुल सही तरीके से.

आप सब समझ ही गए होंगे के What is SEO in Hindi (SEO क्या है). आशा हूँ इस लेख से आपको कुछ सिखने को मिला होगा और उम्मीद है की भविष्य में ये आपके काम जरुर आयेंगे.

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